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माइक्रोबायोलॉजी :-

माइक्रोबायोलॉजी –

विज्ञान की वह शाखा जिसमें हम सूक्ष्म जीव के बारे में अध्ययन करते है, माइक्रोबायोलॉजी कहलाती है

  1. Micro सूक्ष्म
  2. Bio – जीव
  3. Logy – Science (विज्ञान)

इन सूक्ष्म जीवों को हम नग्न नेत्रों से नहीं देख सकते है अतः इन्हें देखने के लिए हम सूक्ष्मदर्शी (Microscope) का प्रयोग करते है | सूक्ष्म जीव का आकार लगभग 0.1 mm होता है ये सूक्ष्म जीव प्रकृति में सभी जगह जैसे- कि जल, वायु, मिट्टी, जीव-जन्तु पादप इत्यादि की सतह पर उपस्थित रहते है | माइक्रोबायोलॉजी में हम निम्न अध्ययन करते है –

  1. सूक्ष्म जीवों की संरचना
  2. सूक्ष्म जीवों का वर्गीकरण
  3. प्रकृति में वितरण
  4. प्रजनन
  5. उपापचय
  6. प्रकृति में प्रभाव

सूक्ष्म जीव की विशेषताएं :- –

सूक्षम जीवों की निम्न विशेषताएं होती है –

  1. ये प्रकृति में सभी जगह पर पाए जाते है |
  2. इसका आकार 0.1 mm से भी कम होती है |
  3. इन्हें नग्न नेत्रों से स्पष्टतः नहीं देखा सकता, इन्हें देखने के लिए माइक्रोस्कोप की आवश्यकता होती है |
  4. ये एककोशिकीय व बहुकोशिकीय दोनों ही होती हैं |
  5. ये प्रोकैरियोटिक व युकैरियोटिक दोनों होते है |
  6. ये सक्रिय व निष्क्रिय दोनों प्रवृत्ति के होते है |
  7. ये ऑक्सीजन के साथ व ऑक्सीजन के बिना दोनों ही परिस्थित में जीवित रह सकते है